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करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, पूजा मुहूर्त, सरगी और चंद्रोदय का समय

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 हर साल करवा चौथ व्रत का महिलाएं इंतजार

mahendra india news, new delhi
हर साल करवा चौथ व्रत का महिलाएं इंतजार करती है। इस व्रत का हिंदू धर्म विशेष महत्व माना गया। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। मान्यता है कि महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करने के बाद सारेे दिन व्रत रखती हैं और शाम को करवा चौथ की पूजा करती हैं। रात में चंद्रमा के दर्शन और उन्हें अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। 


करवा चौथ कब है?
ज्योतिषचार्य पंडित लालचंद शर्मा ने बताया कि पंचांग के मुताबिक, करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। वर्ष 2026 में चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को पड़ रही है। इस तिथि का आरंभ 29 अक्टूबर की रात्रि 1 बजकर 6 मिनट पर होगा और इसका समापन उसी दिन रात 10 बजकर 9 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर करवा चौथ का व्रत वीरवार, 29 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। 

करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषचार्य पंडित लालचंद शर्मा ने बताया कि करवा चौथ के दिन व्रत रखने के साथ शाम के समय विधि-विधान से पूजा की जाती है। उपलब्ध पंचांग गणना के मुताबिक, 29 अक्टूबर को करवा चौथ पूजा का शुभ वक्त शाम 5 बजकर 38 मिनट से 6 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। इस दौरान महिलाएं करवा माता की पूजा करती हैं और व्रत की कथा सुनती हैं। पूजा में करवा, दीपक, रोली, अक्षत, फूल और अन्य पारंपरिक सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है।

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करवा चौथ में सरगी का वक्त
पंडित लालचंद शर्मा ने बताया कि करवा चौथ की सरगी सूर्योदय से पहले ग्रहण की जाती है। आमतौर पर इसे सुबह के समय सूर्योदय से पहले खाने की परंपरा है। 2026 में सरगी के लिए सुबह साढ़े तीन बजे से साढ़े पांच बजे के बीच का वक्त माना जा सकता है। हालांकि, सरगी का समय स्थानीय सूर्योदय के अनुसार बदल सकता है। इसलिए अपने शहर के सूर्योदय के समय को ध्यान में रखकर सरगी ग्रहण करना उचित रहेगा। सरगी के बाद महिलाएं व्रत का संकल्प लेकर पूरे दिन अन्न और जल का त्याग करती हैं।


करवा चौथ चंद्रोदय का समय
करवा चौथ के पर्व में चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है। महिलाएं रात्रि में चंद्रमा के निकलने की प्रतीक्षा करती हैं। चंद्र दर्शन के बाद चंद्र देव को अर्घ्य देकर पति के हाथों से जल ग्रहण करने के साथ व्रत खोलने की परंपरा है। पंचांग के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को रात करीब 8 बजकर 17 मिनट पर चंद्रोदय होगा। हालांकि, चंद्रमा के दिखाई देने का समय शहर और स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

करवा चौथ पर बन रहे हैं यह शुभ योग
ज्योतिषीय पंडित लालचंद शर्मा ने बताया कि इस बार करवा चौथ के दिन चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित रहेंगे। इसके अलावा इस दिन गौरी योग, परिधि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बनने की बात कही जा रही है। धार्मिक मान्यताओं में शुभ योगों को पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। हालांकि, इन योगों का प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली और स्थानीय पंचांग गणना के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।