चौपटा क्षेत्र के गांवों में महिलाओं ने श्री गणेश चतुर्थी व संकट चतुर्थी के उपलक्ष्य में रखा व्रत, ये है चांद निकलने का वक्त
चौपटा क्षेत्र के गांवों में महिलाओं ने मंगलवार को श्री गणेश चतुर्थी व संकट हरणीचतुर्थी के उपलक्ष्य में व्रत रखा। महिलाओं ने सुबह नहा धोकर भगवान गणेश की कथा सुनी व सूर्य भगवान को अर्ध्य देकर व्रत का शुभारंभ किया। गांव कुम्हारियां में महिलाओं ने पूरे दिन व्रत रखकर शाम को चंद्रमा के दर्शन करने के बाद अरध्य दिया। ग्रामीण महिलाएं सुनीता देवी, सुमन, गीता देवी , शकुंतला बैनीवाल, संतोष सहित सभी महिलाओं ने तिल, गुड़ व घी इत्यादि सामग्री से चंद्रमा व श्री गणेश भगवान की पूजा की।
चांद निकलने का वक्त
उन्होंने बताया कि सकट चौथ व्रत का पारण चंद्र दर्शन करने के बाद ही किया जाता है। इस दिन चंद्रोदय रात्रि 09 बजे होगा। ऐसे में चंद्र देव को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करें।
धार्मिक महत्वसकट चौथ का
ज्योतिषचार्य पंडित नीरज शर्मा ने बताया कि सकट चौथ का पर्व भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन महिलाएं संतान सुख की प्राप्ति के लिए व्रत करती हैं। साथ ही गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना करती हैं। इससे संतान को लंबी उम्र का आशीर्वाद प्राप्त होता है और स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
सकट चौथ पूजा विधि
महिलाएं इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और गणेश जी का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें।
इसके बाद चौकी पर भगवान गणेश की प्रतिमा को विराजमान करें।
सिंदूर, फूल, दूर्वा अर्पित करें।
व्रत कथा का पाठ करें।
रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य दें और व्रत का पारण करें।
