Cockroach Janata Party: कॉकरोज पार्टी के संस्थापक आएंगे इंडिया, जाने देश में आने के बाद क्या-क्या करेंगे 6 जून को
Cockroach Janata Party: The founder of the Cockroach Party will visit India. Find out what he will do after arriving in the country on June 6th
पिछले कई दिनों से इंटरनेट मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी चर्चा में है। हर गांव से लेकर शहर, महानगरों में बस एक ही चर्चा है। कॉकरोच जनता पार्टी की। अब इस पार्टी के संस्थापक दीपके ने घोषणा की है। जी हां व्यंग्यात्मक इंटरनेट मीडिया कैंपेन कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा कर दी है कि वह 6 जून को इंडिया लौटेंगे और दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करके शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग करेंगे।
आपको बता दें कि अभी हाल ही में अभिजीत दीपके अमेरिका में हैं. उन्होंने वहां पर बोस्टन यूनिवर्सिटी से अपना ग्रैजुएशन पूरा कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के युवाओं और कॉकरोच को लेकर दिए गए बयान के बाद इंटरनेट मीडिया कैंपेन 'कॉकरोच जनता पार्टी' की शुरुआत हुई थी।
इसके संस्थापक महाराष्ट्र में छत्रपति संभाजी नगर के अभिजीत दीपके हैं. वह कई सालों तक आम आदमी पार्टी के साथ उनकी कम्युनिकेशन टीम में कार्य कर चुकी हैं.
अब हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक्स पर वीडियो जारी किया है,ख् इसमें वो कह रहे हैं कि उन्होंने भारत लौटने का फ़ैसला किया है.
दीपके ने कहा, मैं अपने देश और अपने घर इंडिया वापस लौट रहा हूं, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मांगने के लिए, इतने दिन से हम इंटरनेट मीडिया पर आवाज़ उठा रहे हैं कि पेपर लीक के कारण नीट के जिन बच्चों ने सुसाइड किया और लाखों स्टूडेंट्स की मेहनत बर्बाद हुई है उसके लिए धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना ही चाहिए।
8 लाख छात्रों ने हमारी पिटीशन पर साइन किया है, करोड़ों लोगों ने सोशल मीडिया पर इस मांग का समर्थन किया है. देश में दिल्ली, लखनऊ और जयपुर समेत कई जगहों पर इसको लेकर प्रदर्शन भी हो रहे हैं, लेकिन फिर भी इनको कोई फर्क़ नहीं पड़ रहा।
नीट के 22 लाख स्टूडेंट्स, सीबीएसई के 17 लाख स्टूडेंट्स, सीयूईटी के 16 लाख स्टूडेंट्स और एसएससी जीडी के 40 लाख स्टूडेंट्स, ऐसे एक करोड़ से ज़्यादा स्टूडेंट्स हैं जिनकी जिंदगी के साथ सिस्टम ने मज़ाक किया है. इस के कारण से छात्र अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं और इसकी ज़िम्मेदारी किसी को तो लेनी ही होगी।
