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हरियाणा के चावल निर्यातकों को बड़ी राहत भरी खबर, अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच मिली 60 करोड़ की सरकारी राहत

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Haryana rice exporters receive significant relief, receiving government relief of Rs 60 crore amid US-Iran war
mahendra india news, new delhi

हरियाणा प्रदेश के चावल निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है। बता दें कि ईरान- अमेरिका के बीच जारी युद्ध के चावल उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में खासकर हरियाणा के चावल निर्यातक इस स्थिति से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं, क्योंकि खाड़ी देशों में उनकी बहुत मोटी हिस्सेदारी है। युद्ध् के बीच मौजूदा हालात में निर्यात की रफ्तार धीमी पड़ी है।

इससे माल पोर्ट और गोदामों में अटका हुआ है, जबकि कई खेप विदेशों के रास्ते में फंसी हुइ्र हैं। इसी को लेकर चावल के निर्यातकों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। जिस पर देश की केंद्र सरकार ने युद्ध से प्रभावित चल रहे निर्यातकों को राहत देने के उद्देश्य से 497 करोड़ रुपये की स्कीम लागू की है। इससे हरियाणा प्रदेश के चावल निर्यातकों को करीबन 50 से 60 करोड़ रुपये तक की राहत मिलने की उम्मीद है। 


आपको बता दें कि प्रदेश हरियाणा देश के प्रमुख चावल निर्यातक प्रदेशों में शामिल है। देश के कुल चावल निर्यात में खाड़ी देशों के लिए करीबन 40 फीसद योगदान हरियाणा के निर्यातकों का है। इसी को लेकर ऐसे में अमेरिका-ईरान तनाव के कारण समुद्री मार्गों में बाधा आने से निर्यात प्रभावित होना स्वाभाविक है। कई शिपमेंट वक्त पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे अतिरिक्त शुल्क और देरी की परेशानी आ रही है। 

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केंद्र सरकार की राहत स्कीम के तहत निर्यातकों को विभिन्न प्रकार के शुल्कों से छूट मिलेगी है। कांडला पोर्ट पर डिटेंशन शुल्क माफ किया गया है, जहां बड़ी मात्रा में चावल रुका हुआ है। इसी के साथ ही जो माल विदेशी पोर्ट पर फंसा है या समुद्र में ट्रांजिट के दौरान है, उस पर लगने वाले शिपिंग लाइन के अतिरिक्त चार्ज और डैमरेज में भी राहत मिलेगी। 

केंद्र सरकार द्वारा ख्ख्चावल निर्यातकों को राहत देने पर राइस एक्सपोर्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश गोयल ने बताया कि केंद्र  सरकार के इस फैसले से निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रदेश हरियाणा के निर्यातकों को करीब 60 करोड़ रुपये तक की राहत मिल सकती है।