प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
Three-day training programme organised for enumerators and supervisors
sirsa। सीएमआरजे राजकीय महाविद्यालय ऐलनाबाद में जनगणना 2027 के सफल संचालन हेतु प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकोंके लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन चल रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम रविंदर सिंह, सचिव, नगर पालिका समिति ऐलनाबाद (चार्ज अधिकारी) के मार्गदर्शन एवं निगरानी में संपन्न हो रहा है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में फील्ड ट्रेनर के रूप में प्रो.सावन कुमार, सहायक प्राध्यापक तथा प्रो. राजेश, सहायक प्राध्यापक अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। प्रो. सावन कुमार ने बताया कि इस शिविर में पैंतालीस परीक्षक भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को जनगणना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। विशेष रूप से, जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले 34 प्रश्नों के बारे में गहन रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे प्रत्येक प्रश्न को सही ढंग से समझकर आमजन से सटीक जानकारी एकत्रित कर सकें
।इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें जनगणना प्रक्रिया की गहराई से समझ प्राप्त हो रही है तथा वे अपने दायित्वों के प्रति अधिक सजग और सक्षम बन रहे हैं। इस मौके पर महाविद्यालय प्राचार्य डा.सज्जन कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि जनगणना 2026-27 भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसका मुख्य उद्देश्य सटीक जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक डेटा एकत्र करना है। यह 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के लिए नीति निर्माण, 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने, परिसीमनऔर जाति-आधारित डेटा (1931 के बाद पहली बार) एकत्र करने पर केंद्रित है।
उन्होंने यह भी बताया कि लगभग आठ सौ की आबादी पर एक प्रगणक नियुक्त होगा जबकि छह प्रगणकों पर एक सुपरवाईजर तैनात होगा। सभी को बाईस अप्रैल तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी के पास आधिकारिक पहचान पत्र होना अनिवार्य है।उन्होंने सभी प्रगणकों से आह्वान किया कि आमजन तक संदेश पहुंचना चाहिए कि वर्तमान में फ्रॉड घटनाओं को देखते हुए पहचान पत्र वाले प्रगणक को ही जानकारी दी जाए और आमजन को जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग करना चाहिए। इस मौके पर रविन्द्र सिंह सचिव व जनगणना चार्ज अधिकारी, फील्ड ट्रेनर प्रो. सावन कुमार, प्रो. राजेश, हरदेव सिंह, भगवती प्रसाद लिपिक, गौरीशंकर, सोनू आदि सहयोगी उपस्थित थे।
