जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनें युवा: नेशनल कॉलेज SIRSA में उद्यमी बाजार का आयोजन
MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
राजकीय नेशनल महाविद्यालय, सिरसा के बहुउद्देशीय हॉल में मंगलवार को महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता, नवाचार एवं व्यावसायिक कौशल विकसित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय 'उद्यमी बाजार' का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनीता सिंह ने की। इस अवसर पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हिसार के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. विवेक सैनी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर मेले का विधिवत उद्घाटन किया तथा विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर विद्यार्थियों की उद्यमशीलता की सराहना की।

मेले के दौरान महाविद्यालय के विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं द्वारा अपनी व्यावसायिक प्रतिभा और रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विविध प्रकार के आकर्षक स्टॉल लगाए गए। इनमें लजीज खान-पान के फूड स्टॉल्स चाट, पानी-पूरी, स्नैक्स, हस्तनिर्मित सजावटी सामान, इमिटेशन ज्वेलरी, पारंपरिक एवं आधुनिक एक्सेसरीज, फन गेम्स तथा विशेष सेल्फी प्वाइंट मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने भारी उत्साह के साथ खरीदारी की और छात्र-उद्यमियों का मनोबल बढ़ाया।
मुख्य अतिथि डॉ. विवेक सैनी ने विद्यार्थियों के नवाचार, पैकेजिंग, स्वच्छता और प्रस्तुति कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि व्यावहारिक अनुभव ही शिक्षा की वास्तविक कसौटी है। उन्होंने कहा कि उद्यमी बाजार जैसे मंच युवाओं को किताबी ज्ञान से आगे ले जाकर बजट प्रबंधन, ग्राहक व्यवहार और मार्केटिंग की वास्तविक बारीकियों को सिखाते हैं, जो भविष्य में एक सफल उद्यमी बनने की मजबूत नींव तैयार करते हैं।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनीता सिंह एवं उप-प्राचार्य डॉ. सत्यपाल ने विद्यार्थियों के इस अभिनव प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की। प्राचार्या डॉ. अनीता सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि महाविद्यालय का सदैव प्रयास रहता है कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में युवा सिर्फ 'जॉब सीकर' बनने के बजाय 'जॉब क्रिएटर' बनने की दिशा में सोचें। उप-प्राचार्य डॉ. सत्यपाल ने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों के आत्मविश्वास में असाधारण वृद्धि होती है और उन्हें अपनी आर्थिक व प्रबंधकीय क्षमताओं को निखारने का सीधा अवसर मिलता है।
महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका डॉ. मीत ने आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 'उद्यमी बाजार' का मूल उद्देश्य छात्राओं में वित्तीय साक्षरता, नेतृत्व क्षमता और उद्यमिता की भावना का संचार करना है। उन्होंने बताया कि दीपावली एवं त्योहारी मौसम के उपलक्ष्य में आयोजित इस बाजार से विद्यार्थियों को उत्पाद तैयार करने से लेकर उसकी बिक्री और लाभ-हानि के व्यावहारिक प्रबंधन का सीधा अनुभव प्राप्त हुआ है। महिला प्रकोष्ठ के सदस्य डॉ. कर्मजीत कौर, डॉ. मंजू कम्बोज, प्रो. गीता, प्रो. परमजीत कौर, डॉ. गुलाबवती, डॉ. अंकिता, प्रो. सारिका, प्रो. उर्मिला, डॉ. मीनाक्षी, प्रो.वंदना, डॉ. शोभा, डॉ. सरोज, डॉ. अमनदीप, प्रो. नीरू, श्रीमती निशा ने आयोजन को सुचारु रूप से सफल बनाने में अहम् योगदान दिया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे और उन्होंने स्टॉलों पर खरीदारी कर आयोजन को सफल बनाया।
महाविद्यालय के प्रेस प्रवक्ता डॉ. सूरज रंजन, डॉ. गुलाबवती और प्रो. हैप्पी सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि विमेन सेल द्वारा आयोजित इस 'उद्यमी बाजार' ने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता व व्यावसायिक सूझबूझ प्रदर्शित करने का बेहतरीन मंच प्रदान किया है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय प्रशासन भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं कौशल संवर्धन के लिए ऐसे व्यावहारिक व व्यावसायिक आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा।
