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सावधान: सिर्फ रेल गाड़ी में ही नहीं, रेलवे परिसर में भी किया ये किया तो पहुंच जाएंगे जेल, जानिए रेलवे का ये नियम

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सावधान: सिर्फ रेल गाड़ी में ही नहीं, रेलवे परिसर में भी किया ये किया तो पहुंच जाएंगे जेल, जानिए रेलवे का ये नियम

mahendra india news, new delhi
रेलवे विभाग द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए बहुत ही अच्छे कदम उठाए जा रहे हैं। जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। ट्रेन को ही सबसे सस्ता और सुगम माना जाता है। लेकिन कई बार कई यात्री ट्रेन व रेलवे परिसर में नियमों का पालन नहीं करते हैं। कई लोग सिगरेट और शराब पीते भी मिल जाते हैं। इससे दूसरे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।  अगर आपको भी ऐसी लत है तो रेल गाड़ी में सफऱ करने से पहले इस आर्टिकल को जरुर पढ़ लीजिए।


आइए विस्तार से जानें भारतीय रेलवे में धूम्रपान के नियमों के बारे में:

पूरी तरह वर्जित है धूम्रपान
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रेलवे अधिनियम की धारा 167 के तहत ट्रेन के डिब्बों में धूम्रपान करना सख्त मना है। इसमें सिगरेट, बीड़ी, चिलम या किसी भी तरह के धूम्रपान पदार्थ शामिल हैं। साथ ही ट्रेन के अंदर माचिस जलाना या किसी भी ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल करना भी वर्जित है।

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 इसके अलावा रेलवे के कार्यालय या स्‍टेशन परिसर में भी ऐसा करना दंडनीय अपराध है और पकड़े जाने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, भारतीय रेलवे में धूम्रपान के लिए कोई निर्धारित स्थान नहीं है। ट्रेनों में धूम्रपान ना सिर्फ सह-यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनता है बल्कि आग लगने का खतरा भी बढ़ा देता है। धूम्रपान से निकलने वाला धुआं बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों के लिए काफी हानिकारक होता है।

जुर्माना और दंड
आपको बता दें कि अगर आप ट्रेन में धूम्रपान करते हुए पकड़े जाते हैं तो आप पर रेलवे अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है। जुर्माने की रकम 100 रुपये से लेकर 500 रुपये तक हो सकती है। गौर करने वाली बात ये है कि जुर्माने की राशि बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।

शिकायत कैसे करें
इसके लिए अगर आप किसी को रेलगाड़ी में बीड़ी या सिगरेट पीते हुए देखते हैं तो आप ट्रेन कैप्टन या टिकट कलेक्टर से शिकायत कर सकते हैं। आप रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर भी इसकी सूचना दे सकते हैं।

भारतीय रेलवे ने धूम्रपान मुक्त वातावरण को बढ़ावा देने के लिए कई अभियान चलाए हैं। रेलवे स्टेशनों पर धूम्रपान निषेध क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं। यात्रियों को धूम्रपान न करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रचार सामग्री भी वितरित की जाती है।