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हरियाणा, पंजाब से बिहार व मुंबई तक ढुलाई के लिए बिछी स्पेशल लाइन, देश के पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

हरियाणा में इस प्रोजेक्ट के लिए 72 किलोमीटर की दूरी

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हरियाणा में इस प्रोजेक्ट के लिए 72 किलोमीटर की दूरी

mahendra india news, new delhi

देश में सड़कों के साथ साथ रेलवे लाइनों का भी जाल बिछ रहा है। इससे आमजन के साथ कारोबारियों को फायदा मिल रहा है। इसी कड़ी में अब लुधियाना से बिहार के सोननगर तक मालगाड़ियोंं के लिए स्पेशल रेल लाइन बिछाई जा चुकी है। 

आपको बता दें कि पंजाब के न्यू खन्ना रेलवे स्टेशन से पीएम नरेन्द्र मोदी मालगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर सकते हैं। हालांकि अभी तक इसके लिए आधिकारिक रूप से कार्यक्रम की तिथि अभी तय नहीं की गई लेकिन 7 फरवरी को आयोजन की तैयारियां चल रही हैं। इस रूट पर अन्य 13 स्टेशनों से भी हरी झंडी दिखाकर मालगाड़ी को को रवाना करवाया जाएगा। पंजाब, हरियाणा से बिहार और मुंबई अब माल ढुलाई के लिए जुड़ जाएगा। 


बढ़ेगी यात्री ट्रेन की स्पीड
आपको ये भी बता दें कि इससेसिर्फ मालगाड़ी के लिए बिछाई गई स्पेशल लाइन बनने से यात्री गाड़ियों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी। मौजूदा वक्त एक ही लाइन पर सवारी और मालगाड़ी दौड़ रही है। मालगाड़ियां अलग से दौड़ने से यात्री गाड़ियों की जहां स्पीड बढ़ाई जाएगी। वहीं नई ट्रेनें भी मिलनी शुरू हो जाएंगी।

इस तरह है प्रोजेक्ट
आपको बता दें कि इस नये प्रोजक्ट के तहत साहनेवाल से खुजरा तक 401 किलोमीटर लाइन बिछाई गई है। खुजरा से दादरी तक 46 किलोमीटर और खुजरा से सोन नगर 890 किमी। इस तरीके से 1337 किलोमीटर का यह प्रोजेक्ट 100 फीसद पूरा हो चुका है। इसी तरह वेस्टर्न कोरिडोर 938 किलोमीटर लाइन बिछाई जा चुकी है।

सनंद से मकरपुरा तक 138 किलोमीटर तक, मकरपुरा से न्यू घोलवड तक 238 किलोमीटर, न्यू घोलवड से वैतराना तक 83 किलोमीटर, वैतराना से जवाहर लाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण तक लाइन बिछाई जानी है। मुंबई में रेल लाइन बिछाने के लिए जमीन अधिग्रहण में समय लगा इसलिए 109 किलोमीटर तक का प्रोजेक्ट देर से शुरू हो पाया।

इसी तरह कई बार इन ट्रनों को यार्ड में रोका जाता है, जहां वह कईं घंटों तक रुकी रहती है। इसी कारण यह ट्रेनें लेट होती जाती है। इसका असर स्पीड पर भी पड़ता है।

इस तरह बिछी लाइन
प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश में 1058 किलोमीटर, हरियाणा में इस प्रोजेक्ट के लिए 72  किलोमीटर, पंजाब में 88  किलोमीटर, उत्तर प्रदेश में 1058 किलोमीटर, बिहार में 239  किलोमीटर, झारखंड में 196  किलोमीटर और पश्चिम बंगाल में 203  किलोमीटर रेल लाइन है।