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तपती गर्मी से जल्द मिलेगी राहत, आईएमडी ने बताया भारत में कब होगी मानसून की एंट्री

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 तपती गर्मी से जल्द मिलेगी राहत, आईएमडी ने बताया भारत में कब होगी मानसून की एंट्री

mahendra india news, new delhi

मानसून को लेकर लोग इंतजार करने लगे हैं। इस तपती गर्मी में दोपहर के बाद घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। भारत के कई एरिया में भीषण गर्मी पड़ रही है। यानि ये कहे कि दोपहर के समय तो आसमान से आग बरस रही है। इै। 

आपको बता दें कि देश के ओडिशा में बीते 17 दिनों से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। ओडिशा में 1969 के बाद से इतनी भीषण गर्मी पड़ रही है, इस तपती गर्मी के चलते लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इसी बीच आपको बता दें कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने राहत भरी खबर दी है। आईएमडी ने मानसून के 31 मई तक केरल पहुंचने का अनुमान जताया है। 


31 मई के आसपास केरल पहुंचेगा मानसून
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून के 31 मई के आसपास केरल पहुंचने का अनुमान है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को यह जानकारी दी। आईएमडी ने कहा कि इस साल, दक्षिण-पश्चिम मानसून 31 मई को केरल पहुंचने का अनुमान है. आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बुधवार को बताया कियह जल्दी नहीं है. यह सामान्य तिथि के करीब है क्योंकि केरल में मानसून की शुरुआत की सामान्य तारीख एक जून है। 

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आईएमडी ने क्या कहा

पिछले महीने, आईएमडी ने जून से सितंबर तक चलने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून मौसम के दौरान सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान जताया था. जून और जुलाई को कृषि के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानसूनी महीने माना जाता है क्योंकि इस अवधि में खरीफ फसल की अधिकांश बुआई होती है.

तस्वीरों से मिला बड़ा अपडेट

इस सप्ताह की शुरुआत में आईएमडी ने कहा था कि दक्षिण अंडमान सागर, निकोबार द्वीप समूह और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में मानसून 19 मई के आसपास बढ़ने की उम्मीद है. जो इस क्षेत्र के लिए सामान्य तारीख से लगभग दो दिन आगे है. पिछले कुछ दिनों की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि बादलों के समूह भूमध्य रेखा पर खुद को पुनर्गठित कर रहे हैं

मई में कब-कब मानसून ने दी दस्तक
इस क्लाउड बैंड को इंटर ट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन (ITCZ) कहा जाता है, जो देश में बारिश लाने के लिए महत्वपूर्ण है. दक्षिण पश्चिम मानसून के मौसम के दौरान, ITCZ भारत के साथ उत्तर या दक्षिण की ओर स्थानांतरित हो जाता है और देश में बारिश लाने वाली हवाओं को प्रभावित करता है. पिछले एक दशक में केरल में मानसून की वास्तविक शुरुआत 2017, 2018 और 2022 के दौरान मई में हुई थी