home page

इलैक्ट्रोहो योपैथी पद्धति में त्वचा व नाड़ी परीक्षण से लग जाता है बीमारी का पता डा. राजेश कुमार

सिरसा में इलैक्ट्रोहो योपैथी क्लीनिक पर अलग-अलग राज्यों से आए चिकित्सकों ने कही ये बात 

ताजा खबरों, बिजनेस, केरियर व नौकरी संबंधित खबरों के लिए

व्हाट्सअप ग्रुप

से जुड़े

 | 
सिरसा में इलैक्ट्रोहो योपैथी क्लीनिक पर अलग-अलग राज्यों से आए चिकित्सकों ने कही ये बात 

mahendra india news, new delhi

हरियाणा के सिरसा में बेगू रोड पर स्थित इलैक्ट्रोहो योपैथी क्लीनिक पर अलग-अलग प्रदेशों से आए चिकित्सकों की मीटिंग हुई। जिसमें उन्होंने इलैक्ट्रोहो योपैथी पद्धति में त्वचा व नाड़ी परीक्षण पर विस्तार से चर्चा की। डा. राजेश कुमार ने कहा कि इलेक्ट्रो हो योपैथी चिकित्सा पद्धति भी व्यक्ति में होने वाले सभी रोगों में कारगर साबित हो रही है। इलेक्ट्रो हो योपैथी चिकित्सा पद्धति में पेड़-पौधों और वनस्पतियों के अर्क से रोगों का इलाज किया जाता है। इलेक्ट्रो हो योपैथी पद्धति में रोगों की जानकारी के लिए केवल त्वचा व नाड़ी परीक्षण से ही पूरे शरीर में होने वाली बीमारियों का पता लगाया जाता है। 

सिरसा में इलैक्ट्रोहो योपैथी क्लीनिक पर अलग-अलग राज्यों से आए चिकित्सकों ने कही ये बात 

डा. राजेश कुमार ने बताया कि इलेक्ट्रो हो योपैथी चिकित्सा पद्धति से बच्चों से लेकर वृद्ध यानी हर वर्ग के व्यक्तियों का इलाज किया जा रहा है। हाइपरटेंशन, पुराने ज म, शुगर जैसे रोगों का भी इस पद्धति से उपचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में प्रचलित अन्य चिकित्सा पद्धतियों से इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति भिन्न है। इस पद्धति से कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। यह पूर्ण रूप से हर्बल स्पेजरिक पर आधारित है। 


इस पद्धति का रोग निदान आधुनिक चिकित्सा पद्धति से एकदम भिन्न है। सरकार भी इस पद्धति को मान्यता देने के लिए गंभीरता से कदम उठा रही है। बठिंडा से आए डा. एसके कटारिया ने बताया कि यदि स्वस्थ व्यक्ति भी इलेक्ट्रो हो योपैथी की दवाइयां ले रहा है, तो उसे कोई साइड इफेक्ट या अन्य बीमारी नहीं होगी। साथ ही जिस रोग के लिए व्यक्ति इलेक्ट्रो हो योपैथिक की दवाई ले रहा है, केवल उसका वही रोग ठीक होगा। दवाइयां अन्य चीजों पर अपना प्रभाव नहीं डालती है। उनका कहना यह भी है कि इलेक्ट्रो हो योपैथी चिकित्सा पद्धति हर वर्ग हर उम्र के व्यक्ति खा सकते हैं, जिनसे उन्हें कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। इस मौके पर अलग-अलग राज्यों से आए चिकित्सकों ने अपने अनुभव सांझा किए। 


इस अवसर पर डा. राजबाला, डा. अमनदीप कौर, डा. सुनील कुमार, डा. रमेश शर्मा, बठिंडा से डा. किशोर चंद, डा. प्रदीप कुमार, दिल्ली से डा. सतीश कुमार, जीरकपुर से डा. अवनीत कौर, डा. राजेश कुमार, ऐलनाबाद से डा. बीएस नामधारी, कालांवाली से डा. मनदीप सिंह, भिवानी से डा. रवि टांक, विश्व, देवेंद्र कुमार, रोबिन सिंह, अजय कुमार, अंजली, हरमन कौर, अमन इंसा, देवेंद्र कंबोज, मोहित शर्मा मौजूद रहे।