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ब्रेन स्ट्रोक का तेज गर्मी में अधिक खतरा, आप कभी भी इन लक्षणों को न करें इग्नोर

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ब्रेन स्ट्रोक का तेज गर्मी में अधिक खतरा, आप कभी भी इन लक्षणों को न करें इग्नोर 

mahendra india news, new delhi
गर्मी का असर अब तेजी से बढ़ने लगा है। गर्मी के कारण दोपहर के समय बाद निकलना मुश्किल हो रहा है। इस गर्मी के मौसम में सेहत पर ध्यान देना बहुत ही जरूरी है। ऐसे में जहां लोग लू के प्रकोप से परेशान हो रहे हैं, वहीं चिकित्सकों का कहना है कि तेज गर्मी ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ा सकती है। 


चिकित्सक के अनुसार ब्रेन स्ट्रोक एक जानलेवा स्थिति है, इसमें दिमाग तक खून का फ्लो रुक जाता है या दिमाग की नसें फट जाती हैं, इससे दिमाग के सेल्स को डैमेज पहुंचता है, जो बॉडी के विभिन्न कार्यों को प्रभावित करती है।

चिकित्सक डा. जेपी के मुताबिक तेज गर्मी के दौरान बॉडी का तापमान बनाए रखने के लिए शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, इससे नसों में थक्के जमने का खतरा बढ़ जाता है। इसी के  साथ ही, बॉडी निर्जलीकरण का भी शिकार हो सकता है। इससे खून का गाढ़ापन बढ़ जाता है और खून का फ्लो धीमा हो जाता है। 

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इसके लिए गर्मी के मौसम ब्रेन स्ट्रोक के कुछ लक्षण

आपको अचानक तेज सिरदर्द
बॉडी के एक हिस्से में कमजोरी या सुन्न होना, खासकर चेहरे, हाथ या पैर में
बोलने में परेशानी होना या बोलने में अस्पष्टता
दृष्टि संबंधी समस्याएं, जैसे एक आंख में धुंधलापन या दोहरी दृष्टि
चक्कर आना, असंतुलन या समन्वय की कमी


अचानक बेहोशी

आपको बता दें कि चिकित्सक के अनुसार अगर आपको या आसपास किसी को गर्मी में ये लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत चिकित्सक के पास ले जाएं. ब्रेन स्ट्रोक एक वक्तपर निर्भर बीमारी है, यानी जितनी जल्दी उपचार मिलता है, उतना ही कम नुकसान होता है। 

ेये बरते महत्वपूर्ण सावधानी
दोपहर के वक्त जब सूर्यकी तीव्रता सबसे ज्यादा होती है, तब सीधे धूप में निकलने से बचें.
सारे दिन पानी पीते रहें ताकि शरीर डिहाइड्रेट न हो.
हल्के और ढीले कपड़े पहनें. ढीले और हल्के सूती कपड़े पहनने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है.
एसी वाले कमरे में रहें जितना हो सके. खासकर बुजुर्गों और बीमार लोगों को धूप से बचने और एसी वाले कमरे में रहने की सलाह दी जाती है.
एसी का तापमान अचानक कम न करें. एयर कंडीशनर का तापमान अचानक कम करने से भी शरीर को नुकसान पहुंच सकता है. तापमान को धीरे-धीरे कम करें.

नोट: ये समाचार जागरूक करने के मकसद से लिखा है, हमने इसको इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की सहायता ली है, अपनी सेहत के लिए अपनाने से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें।