home page

सिरसा अनाज मंडी में इस दिन से रहेगी नरमा-कपास बोली की हड़ताल, इसलिए लिया गया फैसला

दि एसोसिएशन आढ़तियान के प्रधान मनोहर मेहता ने ये बताया 

ताजा खबरों, बिजनेस, केरियर व नौकरी संबंधित खबरों के लिए

व्हाट्सअप ग्रुप

से जुड़े

 | 
दि एसोसिएशन आढ़तियान के प्रधान मनोहर मेहता ने ये बताया 

mahendra india news, new delhi
कॉटन मिलर्स से GST को लेकर चल रहे विवाद का कोई समाधान न होने के विरोध में दि एसोसिएशन आढ़तियान  सिरसा की ओर से 12 फरवरी सोमवार से SIRSAकी अनाज मंडी में नरमा-कपास बोली की अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का फैसला लिया है। यह फैसला एसोसिएशन की एक बैठक में लिया गया जिसकी अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रधान मनोहर मेहता ने की। इस बैठक में सचिव दीपक मित्तल, कोषाध्यक्ष कुणाल जैन, सह सचिव महावीर शर्मा, उपप्रधान सुशील कस्वां मौजूद थे।


एसोसिएशन के प्रधान मनोहर मेहता ने बताया कि कॉटन मिलर्स से जीएसटी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसको हल करने का हर संभव प्रयास एसोसिएशन की ओर से किया गया लेकिन कॉटन मिलर्स की ओर से कोई सार्थक जवाब नहीं मिला। इस विवाद को सुलझाने के लिए तीन चार बार मिलर्स के मालिकों से मार्केट कमेटी के सचिव की उपस्थिति में बैठकें हुई लेकिन मिलर्स के मालिक अपनी जिद पर अड़े रहे। प्रधान ने बताया कि उन्होंने इस बारे में एसोसिएशन की ओर से जीएसटी विभाग के डीटीसी से मुलाकात की थी। 


उन्होंने बताया कि DTC ने जल्द ही कॉटन मिलर्स मालिकों के साथ बैठक करवाने का आश्वासन दिया था, मगर अभी तक कोई बैठक नहीं हुई है। इसलिए मजबूरी में आढ़ती एसोसिएशन को हड़ताल का फैसला लेना पड़ा। प्रधान ने बताया कि 12 फरवरी सोमवार से मंडी में हड़ताल रहेगी तथा नरमा-कपास की बोली पूर्ण रूप से बंद रहेगी। इतना ही नहीं, हड़ताल के दौरान सुबह 10 बजे से मार्केट कमेटी कार्यालय के आगे धरना भी दिया जाएगा। 


एसोएिशन के प्रधान मनोहर मेहता ने साफ किया कि नरमा-कपास के अलावा मंडी में बाक़ी सभी जींसों की बोली नियमानुसार होगी। इसलिए सभी आढ़ती किसानों को इस बारे में सूचित कर दे ताकि सोमवार को किसान नरमा-कपास लेकर न आए। प्रधान ने सभी आढ़तियों से अपील करते हुए कहा कि वे नरमा व कपास किसी भी अनुचित तरीके से जैसा की सीधा-फ़ैक्ट्रियों में या अन्य किसी भी तरीक़े से बेचने का प्रयास ना करें। इसे रोकने के लिए सभी आढ़ती भाइयों के सहयोग से टीमों का गठन कर दिया गया है जो इस पर निगरानी रखेंगे। अगर कोई फैक्ट्री मालिक सीधा नरमा-कपास लेता पाया गया तो उसकी शिकायत जीएसटी विभाग को लिखित में की जायेगी।